लक्ष्मी जी की आरती | Laxmi Ji Ki Aarti PDF in Hindi

इस पोस्ट में जानें Laxmi Ji Ki Aarti के महत्व और विधान, जिसके माध्यम से आप अपने घर में धन, समृद्धि और शांति को प्राप्त कर सकते हैं। आइए, लक्ष्मी जी की आरती के प्रति अपने आस्था को मजबूत करें और जीवन में खुशहाली की प्राप्ति करें।

मां लक्ष्मी, भारतीय पुराणों और हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवी हैं। वह धन, समृद्धि, सौभाग्य, समृद्धि और सम्पत्ति की देवी मानी जाती हैं। मां लक्ष्मी विष्णु भगवान की पत्नी हैं और विष्णुप्रिया, विभावरी, पद्मिनी, पद्मालया, पद्मदेवी, सरस्वती और भगवती भी उनके नाम हैं।

लक्ष्मी देवी की विशेषताएँ और चिन्हों के साथ बहुत सारी कथाएं जुड़ी हुई हैं। उन्हें सदैव पीले रंग की साड़ी, बगले, शंख, चक्र और पद्म के साथ दिखाया जाता हैं। वह हाथ में कई प्रकार के धन की वस्त्र लेकर आती हैं, जो धन और समृद्धि की प्रतीक होते हैं।

लक्ष्मी देवी को दीवाली के अवसर पर विशेष रूप से पूजा जाता हैं, जिसे धनत्रयोदशी या धनतेरस के नाम से भी जाना जाता हैं। इस दिन लोग मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं और उनसे धन और समृद्धि की कामना करते हैं।

माँ लक्ष्मी के बारे में कुछ आकर्षक बातें

Laxmi Ji Ki Aarti एक प्रमुख आरतियों में से एक है, जिसे हम लक्ष्मी माता की पूजा एवं स्तुति के लिए करते हैं। इस आरती को हम दीपक की आरती भी कहते हैं, क्योंकि इसमें हम दीपक की प्रज्ज्वलित ज्योति की पूजा करते हैं।

आरती एक प्रकार की धार्मिक प्राथना है जिसमें देवी लक्ष्मी की महिमा, शक्तियाँ और आदि रूप की महत्वपूर्ण बातें प्रकट होती हैं। Laxmi Ji Ki Aarti के द्वारा हम देवी मां के सगुण और निर्गुण रूप की पूजा करते हैं, जिनका आदि और अंत अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह आरती मुख्य रूप से वैष्णवों द्वारा प्रतिदिन पढ़ी जाती है।

Laxmi Ji Ki Aarti

लक्ष्मी जी की आरती भक्तों के हृदय को भावों से भर देती है। मां लक्ष्मी को समर्पित यह गीत उनके प्रति भक्तों की भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। श्री लक्ष्मी जी की आरती गाने से हमें धन, समृद्धि, सौभाग्य, और सुख की प्राप्ति होती है।

पूजा की विधि

लक्ष्मी जी की आरती को करने से घर में धन, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है, इसलिए यह आरती विशेष रूप से वैशिष्ट्यपूर्ण होती है। यहां एक सरल और प्रभावी तरीका दिया गया है जिससे आप लक्ष्मी जी की आरती कर सकते हैं:

सामग्री

  • लक्ष्मी जी की मूर्ति या तस्वीर
  • पूजा की थाली
  • दिये की बत्ती
  • पुष्प, चावल, सिन्दूर, धूप, दीप, गुड़, घी
  • आरती की माला
  • पानी की कलश
  • पूजा के लिए साफ पानी

प्रक्रिया

  1. पूजा स्थल को साफ सुथरा करें और उस पर एक साफ पीले या लाल वस्त्र बिछा दें।
  2. पूजा की थाली पर लक्ष्मी जी की मूर्ति या तस्वीर रखें।
  3. थाली पर पुष्प, चावल, सिन्दूर, धूप, दीप, गुड़ और घी रखें।
  4. अब आरती की माला को धारण करें और अपने हाथों को पूजा के लिए उन्हीं चीजों में लेपें जो थाली पर रखी हैं।
  5. मन्त्रों के साथ दिये की बत्ती को आरती करें और थाली को घुमाते हुए लक्ष्मी जी की पूजा करें।
  6. इसके बाद, पानी की कलश को थाली पर स्थान दें और पूजा के लिए साफ पानी की एक थैली भी रखें।
  7. अब आरती की माला को हाथ में लेकर आरती करें और मन्त्रों के साथ लक्ष्मी जी की स्तुति करें।
  8. आरती करने के बाद, पूजा के बाद व्रत कथा सुनें और अपने मन में लक्ष्मी जी का आभार व्यक्त करें।

Laxmi Ji Ki Aarti (Hindi)

इस आरती में मां लक्ष्मी को ब्रह्माणी, रुद्राणी, और कमला कहा गया है। इसका अर्थ है कि मां लक्ष्मी सभी देवी-देवताओं में विराजमान हैं और वे ही सभी के निर्माता भी हैं। मां लक्ष्मी दुर्गा माता के समान शक्तिशाली हैं और सुख-समृद्धि का वरदान देती हैं। जो भक्त लक्ष्मी माता की ध्यान में रहकर आरती करता है, वह धन और सिद्धि को प्राप्त करता है।

मां लक्ष्मी पाताल में निवास करती हैं और वे ही शुभदाता हैं। उनका प्रकाश सभी कर्मों को प्रभावित करता है और वे सभी लोगों के घरों में निवास करती हैं। जहां मां लक्ष्मी रहती हैं, वहां सभी सद्गुण आते हैं। वे सभी संभव हो जाता है और मन कभी घबराता नहीं है। लक्ष्मी माता के बिना कोई यज्ञ सिद्ध नहीं होता और कोई वस्त्र प्राप्त नहीं करता। भोजन का वैभव भी सबका उनसे ही प्राप्त होता है।

आरती की अंतिम पंक्ति में हम मां लक्ष्मी की महिमा का वर्णन करते हैं। उन्हें शुभ गुण और मंगल की दात्री, जग की निधि और कर्मफल का प्रदाता कहा गया है। वे ही जग की माता हैं और सभी की कामनाएं पूर्ण करती हैं।

Laxmi Ji Ki Aarti को पढ़कर हम मां लक्ष्मी की कृपा को प्राप्त करते हैं और हमारे जीवन में धन, समृद्धि और शांति का प्रकाश छा जाता है। इसलिए, हमें नियमित रूप से Laxmi Ji Ki Aarti का पाठ करना चाहिए और उन्हें समर्पित रहना चाहिए। मां लक्ष्मी हमारी दुर्गति को दूर करती हैं और हमेशा हमारे साथ खुशियों और समृद्धि की बरसात करती हैं।

श्री लक्ष्मी जी की आरती का महत्व

Laxmi Ji Ki Aarti हिन्दू धर्म में मां लक्ष्मी की आराधना का एक प्रमुख भाग है। लक्ष्मी जी को धन, समृद्धि, और सौभाग्य की देवी माना जाता है और इस आरती के माध्यम से भक्त उन्हें अपने जीवन में आनंद, समृद्धि, और सुख का आनंद उठाने की कामना करते हैं। यह आरती भक्तों के द्वारा रोज़ाना पढ़ी जाती है और इसे पढ़ने से उन्हें मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।

आरती का महत्वपूर्ण भाग यह है कि यह आवश्यकता है जो भक्त अपनी भक्ति और पूजा के साथ-साथ अपने मन को भी ध्यान में रखना चाहते हैं। आरती के दौरान, भक्त देवी की ओर अपनी भक्ति और श्रद्धा का प्रकटीकरण करते हैं और इसके साथ ही उनकी आत्मा को शुद्ध करने का भी प्रयास करते हैं।

श्री लक्ष्मी जी की आरती के लाभ

Laxmi Ji Ki Aarti का नियमित पाठ करने से भक्तों को विशेष लाभ होते हैं। इसके पठन से धन, समृद्धि, सौभाग्य, और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। यह आरती भक्त के द्वारा श्रद्धा और भक्ति से पढ़ी जाती है और इसके पठन से भगवान लक्ष्मी हमें आत्मिक शांति और समृद्धि की प्रदान करती हैं।

इस आरती का पाठ करने से भक्त का मानसिक स्थिरता प्राप्त होता है और उसकी आत्मा में सकारात्मकता का आभास होता है। भक्त इस आरती के माध्यम से मां लक्ष्मी के चरणों में अपनी समस्त मनोकामनाएं रखता है और उनसे अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करता है।

समाप्ति

इस लेख में हमने “Laxmi Ji Ki Aarti” के महत्व, श्लोक, और लाभ के बारे में जाना। यह आरती भक्तों के द्वारा प्रतिदिन पढ़ी जाती है और इसके पठन से उन्हें मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। भक्त इस आरती के माध्यम से धन, समृद्धि, सौभाग्य, और सुख की प्राप्ति करता है। आप भी श्री लक्ष्मी जी की आरती का नियमित रूप से पाठ करें और मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से अपने जीवन को समृद्ध और सुखी बनाएं।

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